प्रोफाइल

प्राकृतिक परिदृश्य वनक्षेत्र
मिट्टी कन्हार, मटासी
प्रमुख नदियाँ पैरीनदी, सोंढूर नदी, तेलनदी, सरगीनाला, सुखानाला, बघनईनाला, उदन्ती नदी
जलप्रपात देवदरहा, बुडेनाफाल, बोतलधारा, ऋषि झरण, चिंगरा पगार (बारूका)
पर्वत कांदाडोंगर, भाठीगढ़, कुल्हाड़ीघाट, धवलपुर, मलेवा पहाड़, रमईपाट डोंगरी, भैसामुड़ा पहाड़, फुलझर-बारूका, बम्हनी डोंगरी, चांदी डोंगरी, उरतुली डोंगरी
मौसम गरियाबंद जिला उष्ण कटीबंदीय जलवायु पाई जाती है। मुख्य रूप से यहां बारिश बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं से होती है।
(1) वर्षा ऋतु जिले में मानसूनी बरसात जून के मध्य से सितंबर माह के अंत तक मानी जाती है। राज्य में बंगाल की खाड़ी से उठने वाली दक्षिण पश्चिमी मानसूनी हवाओं से वर्षा होती है। सर्वाधिक बारिश जुलाई और अगस्त माह में होती है।
(2) ग्रीष्म ऋतु जिले में मार्च से जून तक ग्रीष्म ऋतु रहती हैं।
(3) शीत ऋतु जिले में शीत ऋतु नवंबर से फरवरी माह तक रहती है। दिसंबर एवं जनवरी में यहां सर्वाधिक ठंडे महीने है।
प्रमुख फसलें धान, मक्का, कोदो, कुटकी, चना, तिवरा, मसूर, उड़द, मूंग
कृषि भूमि 14,2,590 हेक्टेयर
दो फसली कृषि भूमि 67,570 हेक्टेयर
जिले की नदियाँ पैरी नदी इस नदी का उद्गम स्थल मैनपुर विकासखण्ड मुख्यालय से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित भाटीगढ़ पहाड़ी है। मैनपुर एवं गरियाबंद विकासखण्ड से प्रवाहित होते हुए फिंगेश्वर विकासखण्ड में स्थित प्रयाग नगरी राजिम में महानदी में समाहित हो जाती है। गरियाबंद विकासखण्ड के ग्राम पंटोरा के पास सोंढूर नदी पैरी नदी में मिलती है। सोंढूर नदी गरियाबंद और धमतरी जिला की सीमा रेखा बनाते हुए प्रवाहित होती है, जो ग्राम मोहेरा एवं पंटोरा के पास पैरी नदी में मिल जाती है।
पैरी नदी का उद्गम स्थल भाटीगढ़
लम्बाई 130 किलोमीटर
सिंचाई (आँकड़े) सिंचाईं का प्रतिशत् - 49.56%
कुल सिंचित क्षेत्रफल 70665 हेक्टेयर
शुद्ध सिंचित क्षेत्रफल 55,621 हेक्टेयर